
*वरिष्ठ नागरिक दिवस पर वरिष्ठजनों के सम्मान और अधिकारों का संदेश*

खंडवा।वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर सद्भावना मंच ने वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और उनके समाज में महत्वपूर्ण योगदान को याद किया।
इस अवसर पर संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक किसी भी परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं।उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा परिवार,समाज और देश के निर्माण में समर्पित किया है।उनके अनुभव, संस्कार और जीवन संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सद्भावना मंच सदस्य कमल नागपाल के अनुसार उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में वरिष्ठ नागरिकों को प्रेम, सम्मान और अपनापन देना हम सभी की जिम्मेदारी है। बुजुर्गों की जरूरत केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें परिवार के साथ, बातचीत, सम्मान और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां संस्कार और संस्कृति मजबूत होती है।युवा पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने माता-पिता और वरिष्ठजनों के अनुभवों को सुने, उनका मार्गदर्शन ले और उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा प्राप्त करे।
इस अवसर पर सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन,जगदीश चंद्र चौरे,राष्ट्रीय राठौर क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम राठौर,त्रिलोक चौधरी,सुरेंद्र गीते,राधेश्याम शाक्य,अनूप शर्मा,गणेश भावसार,नितिन मुदलियार,एन के दवे,पंडित गोपाल भारद्वाज,कमल नागपाल,एम एम कुरैशी,नारायणदास चावला,भूपेंद्र चौहान,सुभाष मीणा,कैलाश पटेल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।










